चैत्र शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी का जन्मदिन राम नवमी के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस राम नवमी समारोह में बजरंग बली का ध्वज पताका लहराकर श्रद्धालुओं ने हर्ष और उल्लास के साथ भाग लिया।
राम नवमी समारोह: मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और एकता का संदेश
लालबाग स्थित श्री मालती राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित राम नवमी समारोह के दौरान पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्री राम के नाम का अलौकिक ज्योत मंगलम संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्नता में एकता का संदेश देते हुए समाज में समरसता और समानता की भावना को मजबूत करने पर बल दिया गया।

राम राज्य की स्थापना का लिया गया संकल्प
इस समारोह में उपस्थित लोगों ने समर्पित भाव से राम राज्य की स्थापना का संकल्प लिया। समाज में समतामूलक व्यवस्था, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संदेश दिया गया।
विजयश्री प्रसाद ने व्यक्त किए विचार
इस अवसर पर दलित स्वराज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विजयश्री प्रसाद ने ध्वजारोहण समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रेम, समभाव और सर्व मंगल की कामना की। उन्होंने कहा कि सभी को कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहते हुए “सत्यमेव जयते” के सिद्धांत को अपनाना चाहिए।

मिथिला को स्वर्ग बनाने का आह्वान
राम नवमी समारोह के दौरान यह भी संकल्प लिया गया कि भारत वर्ष को समृद्ध और सशक्त बनाते हुए माता सीता की धरती मिथिला को स्वर्ग के समान विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भक्ति और आस्था के साथ इस संकल्प को दोहराया।
संबंधित सवाल-जवाब
1. राम नवमी का क्या महत्व है?
उत्तर: राम नवमी भगवान श्री राम के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो धर्म, सत्य और आदर्श जीवन का प्रतीक है।
2. इस खबर में राम नवमी समारोह कहाँ आयोजित हुआ?
उत्तर: यह राम नवमी समारोह लालबाग स्थित श्री मालती राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया।
3. इस समारोह में कौन-कौन सी गतिविधियाँ हुईं?
उत्तर: समारोह में ध्वजारोहण, पूजा-अर्चना और राष्ट्रीय एकता व समरसता का संदेश दिया गया।
4. राम नवमी समारोह में किसने अपने विचार व्यक्त किए?
उत्तर: दलित स्वराज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विजयश्री प्रसाद ने समारोह में अपने विचार व्यक्त किए।
5. इस समारोह में क्या संदेश दिया गया?
उत्तर: समारोह में राम राज्य की स्थापना, सामाजिक समानता, राष्ट्रीय एकता और समृद्ध भारत का संदेश दिया गया।

दरभंगा से सौरभ झा की रिपोर्ट

