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डीएमसीएच धरना: 20 सूत्री मांगों को लेकर चौथे दिन भी जारी रहा सत्याग्रह, अधीक्षक को हटाने की मांग तेज

डीएमसीएच धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परिसर में कर्मचारियों ने 20 सूत्री मांगों को लेकर धरना-सत्याग्रह किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्र को पद से हटाने, उनके पिछले छह माह के कार्यकाल की जांच कराने, प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र कुमार के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा बीएससी नर्सिंग कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती भवानी भारती को बर्खास्त करने सहित कई मांगें दोहराईं।

डीएमसीएच धरना में अधीक्षक पर लगाए गए गंभीर आरोप

धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार सिन्हा और मंत्री अजय कुमार साह ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्र की कार्यशैली के कारण डीएमसीएच की व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है।

संघ के नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में सरकारी राशि उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों के इलाज और जांच से जुड़ी आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

कर्मचारी हितों की अनदेखी का भी लगाया आरोप

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि महोपचारिका श्रीमती संगीता कुमारी-2 के खिलाफ बिना किसी गलती के प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की गई, लेकिन अब तक उन्हें पुनः कार्य पर नहीं लिया गया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के प्रति तानाशाही और दमनात्मक रवैया बताया।

इसके अलावा स्वागतकर्त्ता श्रीमती शिखा राज को एसीपी (ACP) का लाभ नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया गया। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

डीएमसीएच धरना के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

धरना के दौरान कर्मचारियों ने अस्पताल की कई व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चर्म रोग वार्ड में बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सभा में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले संबंधित लिपिक के विरुद्ध अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी

डीएमसीएच धरना में शामिल कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से जत्थेवार धरना-सत्याग्रह चलाया जा रहा है, लेकिन यदि प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखाता है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 सूत्री मांगों की पूर्ति तक आंदोलन जारी रहेगा।

बड़ी संख्या में कर्मचारी हुए शामिल

धरना कार्यक्रम में मो. जमील, मधु महतो, अमरेन्द्र कुमार सिंह, लालन शर्मा, सुरेश कुमार साह, मो. सदर आलम, विजय कुमार, चन्द्रनारायण, नवल किशोर साह, राम बालक यादव, पूनम कुमारी-3, शारदा सिन्हा, बैद्यनाथ ठाकुर, रोहित कुमार, बैद्यनाथ लाल देव, प्रमोद राम, उषा कुमारी, जयन्ती कुमारी, शिखा राज, संगीता कुमारी-2, प्रभा कुमारी, प्रकाश कुमार सहनी, जानकी कुमारी, बैद्यनाथ राय, संजय कुमार, नव कला देवी, शीला कुमारी-2, कल्याणी कुमारी, रामानन्द पासवान, कंचन कुमारी तथा वसन्त हरिजन सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

सभा के अंत में सभी कर्मचारियों ने संघ के निर्णय का समर्थन करते हुए आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

निष्कर्ष

डीएमसीएच धरना लगातार चौथे दिन भी जारी रहने से यह स्पष्ट है कि कर्मचारियों की नाराजगी अभी कम नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं और 20 सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की ओर से इस समाचार के प्रकाशित होने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और आंदोलन का आगे क्या स्वरूप होता है।

दरभंगा से सौरभ झा की रिपोर्ट

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